मुंबई. डॉलर की तुलना में रुपया गुरुवार को 43 पैसे कमजोर होकर 69.05 पर पहुंच गया। यह भारतीय करेंसी की क्लोजिंग का सबसे निचला स्तर है। इसकी क्लोजिंग पहली बार 69 के ऊपर हुई है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बेहतरी की खबरों से डॉलर दूसरी ग्लोबल करेंसी के मुकाबले एक साल की ऊंचाई पर पहुंच गया है।
रुपए में गुरुवार को आई कमजोरी 29 मई के बाद सबसे ज्यादा है। हालांकि सबसे निचला स्तर छूने का रिकॉर्ड अभी नहीं टूटा है। 28 जून को एक डॉलर 69.10 रुपए का हो गया था। गुरुवार को यह 69.07 तक गया। बाजार का मूड इस बात से भी बिगड़ा कि चीन ने युआन की कीमत फिर घटाई है। चीन ने अमेरिका के साथ ट्रेड वार के कारण ऐसा किया है।
इस साल 2.5% होगा चालू खाते का घाटा : इक्रा
रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान है कि अप्रैल-जून तिमाही में चालू खाते का घाटा 16 से 17 अरब डॉलर तक जा सकता है। पूरे साल में घाटा 67 से 72 अरब डॉलर तक रह सकता है। यह जीडीपी का 2.5% होगा। यह छह साल में सबसे अधिक होगा। वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही चालू खाते का घाटा 15 अरब डॉलर और पूरे साल में जीडीपी का 1.9% था। इक्रा ने इस आकलन के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में कच्चे तेल की औसत कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल मानी है। पिछले साल औसत कीमत 56 डॉलर थी।

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